स्टैंड-अप टैनिंग बेड में कैसे खड़े हों: शुरुआती लोगों के लिए एक गाइड।

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खड़े होकर टैनिंग करने वाले बेड, जिन्हें 'वर्टिकल टैनिंग बूथ' भी कहा जाता है, पारंपरिक लेटकर टैनिंग करने वाले बेड की तुलना में ज़्यादा तेज़ी से और एक समान परिणाम देते हैं, बशर्ते आप सही स्थिति में बैठें। अपनी टैनिंग का पूरा आनंद लेने और आम गलतियों से बचने के लिए हमारी चरण-दर-चरण गाइड पढ़ें।

 

सही तरीके से खड़े होने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका:

1. टैनिंग से पहले की तैयारी:

24 घंटे पहले एक्सफोलिएट करें और शेव करें – इससे एक समान रंग सुनिश्चित होता है।

इंडोर टैनिंग लोशन लगाएं (तेल या आउटडोर उत्पादों का उपयोग न करें)।

डिस्पोजेबल स्टिकर या अंडरगारमेंट्स पहनें (यदि चाहें तो)।

 

2. बूथ में प्रवेश करना:

शरीर पर निशान पड़ने से बचने के लिए सभी कपड़े और गहने उतार दें।

 

सुरक्षात्मक चश्मे पहनें (इनके बिना कभी भी धूप में न बैठें!)।

 

अंदर कदम रखें और दरवाजे को अच्छी तरह बंद कर दें।

 

3. खड़े होने की सही मुद्रा:

अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखकर खड़े हों ताकि आपका वजन आराम से संतुलित रहे।

 

अपने हाथों को शरीर से थोड़ा दूर रखें (जैसे 'T' आकार में) ताकि बगलें पीली न दिखें।

 

हथेलियों को आगे की ओर या हैंडल पर रखें - इससे बांहों के अंदरूनी हिस्से पर समान रूप से टैनिंग होती है।

 

झुकने से बचने और छाती और पीठ पर असमान टैनिंग से बचने के लिए अपने कंधों को आराम दें।

 

4. सत्र के दौरान:

सभी तरफ समान यूवी किरणें पड़ने के लिए, हर 2-3 मिनट में (यदि अनुमति हो तो) 90° घुमाएँ।

 

दीवारों के सहारे झुकने से बचें, क्योंकि इससे सतह असमान हो जाती है।

 

सामान्य रूप से सांस लें और शांत रहें; अधिकांश सत्र 8-12 मिनट तक चलते हैं।

 

5. टैनिंग के बाद की देखभाल:

रंग को बरकरार रखने के लिए तुरंत मॉइस्चराइज़ करें।

 

यदि आप डीएचए ब्रॉन्ज़र का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो नहाने से पहले 4-6 घंटे प्रतीक्षा करें ताकि उसका असर पूरी तरह से विकसित हो सके।

 

बचने योग्य सामान्य गलतियाँ:

❌ बांहें क्रॉस करने से सफेद धारियां पड़ जाती हैं।

बहुत देर तक स्थिर खड़े रहने से रंग में असमानता आ सकती है, इसलिए हल्की-फुल्की हलचल की सलाह दी जाती है।

❌ चश्मा न पहनना – आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है (यहां तक ​​कि पलकें बंद होने पर भी!)

❌ आउटडोर टैनिंग ऑयल का इस्तेमाल करने से जलन हो सकती है और बूथ को नुकसान पहुंच सकता है।

 

खड़े होकर सोने वाले पलंगों और लेटकर सोने वाले पलंगों के फायदे:

- अधिक समान टैन: कोई दबाव बिंदु या झुर्रियाँ नहीं।

- तेज़ परिणाम: अधिक तीव्र यूवी विकिरण (औसत सत्र: 8-12 मिनट)।

- स्वच्छता: ऐक्रेलिक सतहों के साथ सीधा संपर्क नहीं।

 

किन लोगों को स्टैंड-अप बेड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

संतुलन संबंधी समस्याओं वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर रेलिंग को पकड़ लेना चाहिए।

 

जिन लोगों को बंद जगहों से डर लगता है (क्योंकि बूथ पूरी तरह से बंद हैं)।

 

जिनकी त्वचा बहुत गोरी है (संवेदनशीलता जांचने के लिए 3-5 मिनट से शुरू करें)।

 

आखिरी सलाह: पहली बार सैलून में आने पर, बूथ का इस्तेमाल करने का तरीका दिखाने के लिए सैलून स्टाफ से पूछें। कई बूथों में आपके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पंखे या ऑडियो जैसी सुविधाएं भी होती हैं!

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